Daam Virus क्या है ? राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ने जारी किया अलर्ट !!

‘Daam’ Virus infects Android

Daam Virus Scam Exposed
Daam Virus Malware

दोस्तों आज हम बात करने वाले है एकदम लेटेस्ट, नए, ब्रैंड न्यू वायरस के बारे मैं। जिसका नाम है “DAAM“। (आखिर Daam Virus क्या है ?) आज के दुनिया मैं जहां टेक्नोलॉजी हम सभी को जोड़ती है, इसी मैं और एक एक नई खतरा उभर आया है। एंड्रॉइड डाम वाइरस मैलवेयर, एक कट्टरता भरे scam जो हमारे प्यारे स्मार्टफोन और टैबलेट पर तबाही मचा सकता है। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ने अपने परामर्श में यह जानकारी दी है, यह मैलवेयर एंड्रॉयड मोबाइल को निशाना बना रहा है।

कितना खतरनाक है ये Virus ?

आपकी जानकारी के लिए बता दे की इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी प्रतिक्रिया टीम https://www.cert-in.org.in/ (CERT -In) की ओर से जारी एडवाइजरी मैं कहा गया की वायरस आपके कॉल रिकॉर्ड, संपर्क, इतिहास, कॉन्टैक्ट्स, कैमरा, डिवाइस पासवर्ड बदलने, स्क्रीनशॉट लेने, SMS चुराने, फाइल डाउनलोड और अपलोड करने और अन्य चीजों को भी हैक कर सकता है. इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी प्रतिक्रिया टीम (CERT-In) और राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ने अपनी चेतावनी में कहा है, सबसे खतरनाक बात यह है की , Daam मैलवेयर एंटी-वायरस प्रोग्राम को बायपास करने में सक्षम है।

कैसे फंसाते है लोगो को ?

मैलवेयर पीड़ित के डिवाइस पर हैकर AES (advanced encryption standard) encryption एल्गोरिथ्म के साथ फाइलों को एनकोड करता है। उसके बाद, ( local storage) को अन्य सभी फाइलों से साफ कर दिया जाता है, मतलब, आपके फोन मैं किसी तरह से ये दाम virus घुसा उसके बाद सोच लो फोन आपके पास रहा ही नहीं। Because फोन का सारा डाटा , सिक्योरिटी जो भी हैं पूरा कंट्रोल गया सीधा किसी थर्ड लोकेशन पे । और उसके बाद मैं ये सारी फाइल्स, प्राइवेसी जो भी है, वो सारे डिलीट कर देता है, जो Victim’s का डिवाइस है उसमे से। केवल “enc” के साथ encryption फाइलों को छोड़ दिया जाता है और फिरौती का नोट जो “readme_now.txt” कहता है, इसका मतलब ये है की बाद मैं चायद एक नोटिफिकेशन मिल सकता है, की देखो अगर आपको आपका सारा डाटा चाहिए तो ये amount पे करना होगा ।

कैसे रहें ‘DAAM Virus’ से दूर ?

1.अनऑथराइज्ड वेबसाइट’ पर क्लिक करने से बचे ।
2.डाउनलोड करने से पहले उपयोगकर्ता हमेशा ऐप के विवरण की समीक्षा करें।
3.केवल एक संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें।
4.केवल उन यूआरएल (URL) पर क्लिक करें जो वेबसाइट डोमेन को स्पष्ट रूप से इंगित करते हैं।

5.छोटे URL जैसे कि, (bit.ly) और (tinyurl) से सावधान रहना चाहिए।
6.यदि आप ऐसे मोबाइल नंबर देखते हैं जो वास्तविक/नियमित मोबाइल नंबरों की तरह नहीं दिखते हैं तो सतर्क हो जाएं।

भारतीय कम्प्यूटर इमरजेंसी प्रतिक्रिया टीम (Indian Computer Emergency Response Team – CERT-In) का हेल्पलाइन नंबर निम्नलिखित है:

  • To report cyber fraud- 1930
  • Email- http://www.cybercrime.gov.in
  • हेल्पलाइन नंबर: 1800-11-4949 (टोल-फ्री)
  • अल्टरनेट हेल्पलाइन नंबर: +91-11-24368572

Conclusion:

दोस्तों आप सभी के लिए ये ब्लॉग बहुत ही important है, जाहा पे हम आपसे “दाम वायरस” के बारे में बताया है। और ये वायरस बहुत ही तेजी से फेल रहा है। इसलिए अपने फ़ोन को चही तरीके से इस्तेमाल करे। ओर अपने आप को इस तरह के चक्कर मैं मत डालिए , तो I hope, की आप इस तरह के ट्रैप से बचे रहेंगे। आपका कोई भी सवाल, जवाब, फीडबैक हो तो कमेंट मैं पूछ चकते है, और आपके दोस्त, फैमिली, रिश्तेदार जितना भी है सभी के🔏 Privacy का ख्याल रखते हुए ब्लॉग को ज्यादा से ज्यादा शेयर कीजिए।

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